Acharya Shanti Sagar Ji

Acharya Shanti Sagar Ji

26 Oct 2026 Admin

आचार्य श्री १०८ शांतिसागर जी महाराज (छाणी - उत्तर) [1888]

आईडी: 693 • परम्परा: दिगम्बर जैन श्रमण परम्परा • स्थान/पहचान: उत्तर भारत (छाणी संघ)
परम पूज्य प्रशममूर्ति योगी सम्राट दिगम्बर जैनाचार्य श्री १०८ शान्ति सागर जी महाराज छाणी
परम पूज्य प्रशममूर्ति, योगी सम्राट, तपोनिधि, दिगम्बर जैनाचार्य श्री १०८ शान्ति सागर जी महाराज (छाणी)

संक्षेप (परिचय एवं ऐतिहासिक महत्व)

दिगम्बर रूप में दीक्षा ग्रहण करना त्याग एवं संयम की पराकाष्ठा है। बीसवीं शताब्दी में विशेष रूप से उत्तर भारत में जैन मुनि परम्परा प्रायः लुप्तप्राय हो चुकी थी। शास्त्रों में वर्णित दिगम्बर मुनियों के स्वरूप के दर्शन करना असम्भव प्रतीत होने लगा था।

इस असम्भव कार्य को तीन महान आचार्यों ने सम्भव कर दिखाया:

  1. आचार्य श्री १०८ आदिसागर जी महाराज (अंकलीकर)
  2. आचार्य श्री १०८ शांतिसागर जी महाराज (चारित्र चक्रवर्ती - दक्षिण)
  3. आचार्य श्री १०८ शांतिसागर जी महाराज (छाणी - उत्तर)

इनमें दो महान सूर्यों—आचार्य श्री शांतिसागर (चारित्र चक्रवर्ती) और आचार्य श्री शांतिसागर (छाणी) का उदय समकालीन (एक साथ) हुआ, जिससे आज हमें इस पावन परम्परा के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

संघ एवं गुरु परम्परा (मुख्य आचार्य मण्डल)

प्रथमाचार्य (छाणी परम्परा) आचार्य श्री १०८ शांतिसागर जी महाराज (छाणी) [1888]
द्वितीय पट्टाचार्य आचार्य श्री १०८ सूर्यसागर जी महाराज [1883]
तृतीय पट्टाचार्य आचार्य श्री १०८ विजयसागर जी महाराज [1881]
चतुर्थ पट्टाचार्य आचार्य श्री १०८ विमलसागर जी महाराज (भिण्ड) [1892]
पंचम पट्टाचार्य आचार्य श्री १०८ सुमतिसागर जी महाराज [1917]
षष्ठम पट्टाचार्य आचार्य श्री १०८ सन्मतिसागर जी महाराज [1949]

मुनि / आचार्य दीक्षित शिष्य मण्डल (कुल ५१ शिष्य)

क्र. सं. नाम (उपाधि सहित) सम्बद्ध क्षेत्र / विवरण
१श्री १०८ शान्तिसागर जी महाराजआरा
२श्री १०८ वर्धमानसागर जी महाराज—
३श्री १०८ संभवसागर जी महाराज—
४श्री १०८ पार्श्वसागर जी महाराजअहमदाबाद
५श्री १०८ श्रेयांससागर जी महाराजनागपुर
६श्री १०८ सुपार्श्वसागर जी महाराजसम्मेद शिखर जी
७श्री १०८ समाधिसागर जी महाराजबोम्बे वाले
८श्री १०८ समाधिसागर जी महाराज—
९श्री १०८ चन्द्रसागर जी महाराजबयाना
१०श्री १०८ श्रुतसागर जी महाराजदिल्ली
११श्री १०८ विजयसागर जी महाराजसोनागिरि
१२श्री १०८ मुक्तिसागर जी महाराजसोनागिरि
१३श्री १०८ समाधिसागर जी महाराजसम्मेद शिखर जी (एम.पी. वाले)
१४श्री १०८ सन्मतिसागर जी महाराजसोनागिरि
१५श्री १०८ जम्बूसागर जी महाराजभिण्ड
१६श्री १०८ मल्लिसागर जी महाराजसोनागिरि
१७श्री १०८ आदिसागर जी महाराजखतौली (मुजफ्फरनगर)
१८श्री १०८ शीतलसागर जी महाराज—
१९श्री १०८ सिद्धसागर जी महाराज—
२०श्री १०८ गुणसागर जी महाराजसोनागिरि
२१श्री १०८ कुन्थुसागर जी महाराजफिरोजाबाद
२२श्री १०८ निर्वाणसागर जी महाराजश्री सम्मेद शिखर जी
२३श्री १०८ सुव्रतसागर जी महाराजसोनागिरि
२४श्री १०८ महेन्द्रसागर जी महाराजद्रोणागिरि
२५श्री १०८ योगसागर जी महाराजश्री सम्मेद शिखर जी
२६श्री १०८ संयमसागर जी महाराजश्री सम्मेद शिखर जी
२७श्री १०८ समाधिसागर जी महाराज—
२८आचार्य श्री १०८ सन्मतिसागर जी महाराजआचार्य पद
२९आचार्य श्री १०८ भरतसागर जी महाराजआचार्य पद
३०आचार्य श्री १०८ अजितसागर जी महाराजआचार्य पद
३१उपाध्याय श्री १०८ ज्ञानसागर जी महाराजउपाध्याय पद
३२एलाचार्य श्री १०८ शान्तिसागर जी महाराजएलाचार्य पद
३३एलाचार्य श्री १०८ नेमिसागर जी महाराजएलाचार्य पद
३४बालाचार्य श्री १०८ विवेकसागर जी महाराजबालाचार्य पद
३५मुनि श्री १०८ संभवसागर जी महाराजमुनि पद
३६मुनि श्री १०८ बाहुबलीसागर जी महाराजमुनि पद
३७मुनि श्री १०८ समतासागर जी महाराजमुनि पद
३८मुनि श्री क्षमासागर जी महाराजमुनि पद
३९मुनि श्री सन्तोषसागर जी महाराजमुनि पद
४०मुनि श्री शीतलसागर जी महाराजमुनि पद
४१मुनि श्री वैराग्यसागर जी महाराजमुनि पद
४२मुनि श्री वीरसागर जी महाराजमुनि पद
४३मुनि श्री विनयसागर जी महाराजमुनि पद
४४मुनि श्री शान्तिसागर जी महाराजमुनि पद
४५मुनि श्री कैलाशसागर जी महाराजमुनि पद
४६मुनि श्री निर्वाणसागर जी महाराजमुनि पद
४७मुनि श्री संवेगसागर जी महाराजमुनि पद
४८मुनि श्री शिवसागर जी महाराजमुनि पद
४९मुनि श्री तीर्थसागर जी महाराजमुनि पद
५०मुनि श्री भव्यसागर जी महाराजमुनि पद
५१मुनि श्री पदमसागर जी महाराजमुनि पद

ऐलक दीक्षा प्राप्त शिष्य (कुल १० शिष्य)

१. ऐलक श्री १०५ ऋषभसागर जी
२. ऐलक श्री १०५ निर्वाणसागर जी
३. ऐलक श्री १०५ आदिसागर जी
४. ऐलक श्री १०५ सिद्धसागर जी
५. ऐलक श्री १०५ जिनेन्द्रसागर जी
६. ऐलक श्री १०५ शीतलसागर जी
७. ऐलक श्री १०५ वीरसागर जी
८. ऐलक श्री १०५ कुलभूषणसागर जी
९. ऐलक श्री १०५ समयसागर जी
१०. ऐलक श्री १०५ जयसागर जी

क्षुल्लक दीक्षा प्राप्त शिष्य (कुल ३२ शिष्य)

१. १०५ विद्यासागर जी
२. १०५ दयासागर जी
३. १०५ आदिसागर जी
४. १०५ सन्मतिसागर जी
५. १०५ बुद्धसागर जी
६. १०५ पदमसागर जी
७. १०५ वीरसागर जी
८. १०५ चन्द्रसागर जी
९. १०५ भावसागर जी
१०. १०५ शीतलसागर जी
११. १०५ गुणसागर जी
१२. १०५ नेमिसागर जी
१३. १०५ नमिसागर जी
१४. १०५ नंगसागर जी
१५. १०५ अनंगसागर जी
१६. १०५ निर्वाणसागर जी
१७. १०५ वैराग्यसागर जी
१८. १०५ सिद्धसागर जी
१९. १०५ वर्धमानसागर जी
२०. १०५ कैलाशसागर जी
२१. १०५ सूर्यसागर जी (प्रथम)
२२. १०५ सूर्यसागर जी (द्वितीय)
२३. १०५ नियमसागर जी
२४. १०५ सिद्धसागर जी
२५. १०५ सम्भवसागर जी
२६. १०५ मल्लिसागर जी
२७. १०५ अनन्तसागर जी
२८. १०५ धर्मसागर जी
२९. १०५ चन्द्रसागर जी
३०. १०५ तपसागर जी
३१. १०५ भव्यसागर जी
३२. १०५ संयमसागर जी

क्षुल्लिका एवं आर्यिका शिष्य परम्परा

आचार्य श्री शांतिसागर जी छाणी द्वारा प्रदत्त दीक्षा परम्परा में अनेक विदुषी साध्वियों ने संयम का वरण किया, जिनमें हस्तिनापुर जम्बूद्वीप की संस्थापिका पूज्य गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी (जिन्होंने क्षुल्लिका दीक्षा इसी परम्परा में ली) प्रमुख हैं:

१. क्षुल्लिका श्री ज्ञानमती माताजी (वर्तमान गणिनी आर्यिका) २. क्षुल्लिका श्री शान्तिमती माताजी ३. क्षुल्लिका श्री आदिमती माताजी गणिनी आर्यिका श्री विद्यामती माताजी आर्यिका श्री विपुलमती माताजी आर्यिका श्री जैनमती माताजी आर्यिका श्री सीतामती माताजी आर्यिका श्री शीलमती माताजी आर्यिका श्री श्रुतमती माताजी आर्यिका श्री दयामती माताजी आर्यिका श्री शुभमती माताजी (समाधिस्थ) आर्यिका श्री भाग्यमती माताजी (समाधिस्थ) आर्यिका श्री वीरमती माताजी (श्री महावीर जी) आर्यिका श्री गुणमती माताजी आर्यिका श्री वासुमती माताजी आर्यिका श्री समाधिमती माताजी (मुरैना / शिखर जी) आर्यिका श्री निर्वाणमती माताजी (भागलपुर) आर्यिका श्री राजमती माताजी (अजमेर) आर्यिका श्री पार्श्वमती माताजी (सोनागिरि) आर्यिका श्री कीर्तिमती माताजी आर्यिका श्री श्रीमती माताजी

चातुर्मास विवरण (ऐतिहासिक अभिलेख)

वर्ष राज्य जिला / नगर चातुर्मास स्थल
2000राजस्थानसलूम्बरसलूम्बर
1999राजस्थानउदयपुरऋषभदेव (धुलेव)
1998राजस्थानउदयपुरऋषभदेव
1997गुजरातसाबरकांठातलोद
1996पंजाबअमृतसरभिंडर
1995राजस्थानप्रतापगढ़पारसोला
स्रोत: दिगजैनविकी (DigJainWiki) अभिलेख — पूज्य आचार्य श्री १०८ शांतिसागर जी महाराज (छाणी - उत्तर)
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